Prayer

जन गण मन अधिनायक जय हे
भारत भाग्य विधाता
पंजाब सिन्ध गुजरात मराठा
द्राविड़ उत्कल बंग
विन्ध्य हिमाचल यमुना गंगा
उच्छल जलधि तरंग
तव शुभ नामे जागे
तव शुभ आशिष मागे
गाहे तव जय गाथा
जन गण मंगल दायक जय हे
भारत भाग्य विधाता
जय हे जय हे जय हे
जय जय जय जय हे |
भारत माता की जय |

India is my country

All Indians are my brothers and sisters.

I love my country and I am proud of its rich and varied heritage. I shall always strive to be worthy of it. I shall give respect to my parents, teachers and elders and treat everyone with courtesy.To my country and my people, I pledge my devotion.In their well being and prosperity alone, lies my happiness.

या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता,
या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना |
या ब्रह्माच्युतशंकरप्रभृतिभिर्देवै: सदा वन्दिता,
सा माम पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा ||

O Master!
Thou are the real goal of human life,
We are yet, but slaves of wishes,
Putting bar to your advancement
Thou art the only God and power,
To bring us upto that stae.

हम को मन की शक्ति देना मन विजय करें
दूसरों की जय से पहले खुद को जय करें |
भेदभाव अपने दिल से साफ़ कर सके
दोस्तों से भूल हो तो माफ़ कर सकें
झूठ से बचे रहें, सच का दम भरे | दूसरों की जय से पहले खुद को जय करें |
मुश्किलें पड़ें तो हम पे इतना कर्म कर
साथ दे तो धर्म का, चलें तो धर्म पर
खुद पे हौसला रहे, बदी से ना डरें
दूसरों की जय से पहले खुद को जय करें
हम को मन की शक्ति देना मन विजय करें दूसरों की जय से पहले खुद को जय करें
हम को मन की शक्ति देना |

इतनी शक्ति हमें देना दाता,
मनका विश्वास कमजोर हो ना
हम चलें नेक रस्ते पे हमसे
भूलकर भी कोई भूल हो ना
हर तरफ़ ज़ुल्म है बेबसी है
सहमा-सहमा सा हर आदमी है
पाप का बोझ बढ़ता ही जाए
जाने कैसे ये धरती थमी है
बोझ ममता का तू ये उठा ले
तेरी रचना का ये अंत हो ना
हम चलें नेक रस्ते पे हमसे
भूलकर भी कोई भूल हो ना
दूर अज्ञान के हो अँधेरे
तू हमें ज्ञान की रौशनी दे
हर बुराई से बचके रहें हम
जीतनी भी दे भली ज़िन्दगी दे
बैर हो ना किसीका किसीसे
भावना मन में बदले की हो ना
हम चलें नेक रस्ते पे हमसे
भूलकर भी कोई भूल हो ना
हम न सोचें हमें क्या मिला है
हम ये सोचें क्या किया है अर्पण
फूल खुशियों के बांटे सभी को
सबका जीवन ही बन जाए मधुबन
अपनी करुणा को जल तू बहा के,
कर दे पावन हर एक मन का कोना

तुम्ही हो माता पिता तुम्ही हो।
तुम्ही हो बंधू सखा तुम्ही हो॥
तुम्ही हो साथी तुम्ही सहारे,
कोई ना अपने सिवा तुम्हारे।
तुम्ही हो नईया, तुम्ही खिवईया,
तुम्ही हो बंधू सखा तुम्ही हो॥
जो खिल सके ना वो फूल हम हैं,
तुम्हारे चरणों की धूल हम हैं।
दया की दृष्टि सदा ही रखना,
तुम्ही हो बंधू सखा तुम्ही हो॥

तेरा नाम सबके लब पे हो सुबह हो शाम हो शाम हो
हर बुराई से बचें बस नेक काम हो
हम गुनाह के घने अंधेरे से बचें
हम तो सच्चे मन से यही प्रार्थना करें
अब न कोई दिल में इन्तक़ाम हो
हर बुराई से बचें बस नेक काम हो
ज़िंदगी खुशहाल हो हर आदमी सुखी
रोशनी हो प्यार की ना हो कोई दुखी
इस ज़मीं पर ऐसा तेरा इन्तज़ाम हो
हर बुराई से बचें बस नेक काम हो

वैष्णव जन तो तेने कहिये,
जे पीर परायी जाणे रे
पर दुख्खे उपकार करे तोये
मन अभिमान ना आणे रे
सकळ लोक मान सहुने वंदे
नींदा न करे केनी रे
वाच काछ मन निश्चळ राखे
धन धन जननी तेनी रे ||

सारे जहाँ से अच्छा, हिन्दोस्तां हमारा
हम बुलबुले हैं इसकी, वो गुलसितां हमारा
पर्वत वो सबसे ऊँचा, हमसाया आसमाँ का
वो संतरी हमारा, वो पासवां हमारा
गोदी में खेलती हैं, जिसकी हज़ारों नदियां
गुलशन है जिसके दम से, रश्क-ए-जिनां हमारा
मजहब नहीं सिखाता, आपस में बैर रखना
हिन्दी हैं हम वतन हैं, हिन्दोस्तां हमारा ||